रोज़ पढ़ने के लिए 10 प्रेरक संस्कृत सूक्ति — अर्थ सहित
हमारी परंपरा की 10 अमर सूक्तियाँ, उनके सरल अर्थ के साथ। रोज़ एक पढ़िए और दिन को दिशा दीजिए।
कुछ शब्द सदियों से राह दिखाते आए हैं। ये दस संस्कृत सूक्तियाँ छोटी हैं, पर इनका अर्थ जीवनभर साथ देता है।
1.
उद्यमेन हि सिध्यन्ति कार्याणि न मनोरथैः।
2.
विद्या ददाति विनयं।
3.
सत्यमेव जयते।
4.
योगः कर्मसु कौशलम्।
5.
वसुधैव कुटुम्बकम्।
6.
श्रद्धावान् लभते ज्ञानम्।
7.
उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरान्निबोधत।
8.
न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते।
9.
अहिंसा परमो धर्मः।
10.
मन एव मनुष्याणां कारणं बन्धमोक्षयोः।
आज का अभ्यास
इनमें से एक सूक्ति चुनें और आज दिनभर जब भी याद आए, उसका अर्थ मन में दोहराएँ। यही छोटा अभ्यास सोच बदल देता है।