सावन सोमवार 2026: महत्व, व्रत विधि और शिव मंत्र
सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित है। सावन सोमवार का महत्व, व्रत की सरल विधि और शिव मंत्र — आसान हिंदी में।
श्रावण (सावन) मास भगवान शिव की भक्ति का सबसे प्रिय समय माना जाता है। 2026 में यह मास जुलाई–अगस्त के आसपास पड़ता है, और इसके हर सोमवार का विशेष महत्व है।
तिथि
सावन की शुरुआत और सोमवार की तिथियाँ क्षेत्र व पंचांग के अनुसार बदलती हैं — स्थानीय पंचांग से ज़रूर मिला लें।
सावन सोमवार का महत्व
मान्यता है कि इस मास में शिव की पूजा शीघ्र फलदायी होती है। भक्त सोमवार को व्रत रखकर शिवलिंग पर जल और बेलपत्र अर्पित करते हैं।
सरल व्रत विधि
- सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें।
- शिवलिंग पर जल, दूध और बेलपत्र अर्पित करें।
- दिनभर सात्त्विक आहार लें; फलाहार कर सकते हैं।
- शाम को शिव मंत्र का जाप और आरती करें।
शिव मंत्र
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
महामृत्युंजय मंत्रसरल जाप के लिए: ॐ नमः शिवाय — इसे मन में या स्वर में दोहराया जा सकता है।
ध्यान दें
व्रत अपनी सेहत के अनुसार ही रखें। किसी रोग या विशेष स्थिति में चिकित्सक की सलाह लें।
सावन का भाव है — सरलता, संयम और भक्ति। मन की श्रद्धा ही असली पूजा है।